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Randi Bhabhi Chudai – पड़ोस में रहने आई भाभी बहुत चुद्दकड़ थी

Randi Bhabhi Chudai

हाय दोस्तों, मुझे अनुराग कहते हैं। मैं 28 साल का हूँ और लखनऊ में रहता हूँ। मेरी हाइट 5.11 है। आप लोग मेरी बातें सुनकर बोर हो रहे होंगे। चलिए, मैं आपको अपनी कहानी की ओर ले चलता हूँ। ये घटना अब से 5 महीने पहले हुई। जब हमारे कॉलोनी में एक भाभी रहने को आई थीं। Randi Bhabhi Chudai

भाभी तो पूछो मत, मादकता उनके बदन में कूट-कूट के भरी थी। उनकी चूचियाँ 38d साइज़ की थीं, कमर 32 और गांड़ तो क़यामत थी — 40 साइज़ की। चलती तो क़यामत लगती थी। उनके आने के कुछ दिनों में उनकी दोस्ती हमारे घर के मेंबर्स से हो गई। भाभी बहुत चंचल स्वभाव की थीं। उम्र यही कोई 35 साल के आस-पास थी।

धीरे-धीरे वो हमसे भी खूब बातें करने लगी थीं क्योंकि उनके कंप्यूटर को मैं ठीक कर देता था, सो वो मेरे से काफी करीब थीं। एक बार उनके कंप्यूटर में कुछ खराबी आ गई थी, सो वो मम्मी से बोलीं कि अनुराग से कहकर मेरा कंप्यूटर ठीक करवा दो। तो मैं दोपहर को उनके घर गया। वो बड़ी सेक्सी नाइट गाउन पहनकर घर पर थीं। वो मुझे अपने कंप्यूटर पर ले गईं। मैं उनका कंप्यूटर ठीक करने लगा तो उसको फॉर्मेट करना था।

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सो मैंने भाभी जी से कहा, “भाभी जी, आपका कोई इम्पोर्टेंट फाइल हो तो बैकअप ले लो, सिस्टम फॉर्मेट करना पड़ेगा।”

तो वो बोलीं, “कुछ पर्सनल फाइल्स हैं, तुम हटो तो मैं बैकअप ले लूँ।”

मैं कुर्सी से हटकर खड़ा हो गया और वो अपनी पर्सनल फाइल्स का बैकअप ले रही थीं। उसमें बहुत सारी सेक्स स्टोरीज़ और पोर्न इमेज थीं जो गलती से खुल गईं।

तो मैंने उनसे कहा, “भाभी, अगर ऐसी फाइल्स हैं तो आप बैकअप रहने दो, मैं आपको ढेर सारी दे दूँगा।”

तो वो बोलीं, “ठीक है।” और कंप्यूटर से हट गईं।

तब मैंने पूछा, “भाभी, भैया कहाँ हैं?”

तो वो बोलीं, “ना जाने कहाँ गए, उनके होने और न होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। तुम कंप्यूटर ठीक करो।”

तो मैंने कंप्यूटर को फॉर्मेट करके लोडिंग पर लगा दिया और भाभी से बोला कि “मैं अभी घर से आपके लिए कुछ फाइल्स लेकर आता हूँ।”

तो वो बोलीं, “अरे इतनी क्या जल्दी है, बाद में दे देना।”

मैंने कहा, “अरे भाभी आप देखो, मुझे अच्छा लगेगा। कम से कम मेरा कलेक्शन किसी के काम तो आएगा।”

और ये कहकर मैं घर से अपना पेन ड्राइव ले आया और उन्हें दे दिया कि “आप देखो, जब देख लेना तो मैं और दे दूँगा।”

तो वो बोलीं, “ठीक है।” और उसे अलमारी में रख दिया।

मैंने उनका कंप्यूटर ठीक कर दिया और चला गया। अगले दिन वो मेरे घर आईं और मुझसे बोलीं कि उसमें कुछ फाइल्स खुल नहीं रही हैं। मैं समझ गया कि उसमें कुछ मोबाइल वाली फाइल्स थीं जो अलग मीडिया प्लेयर पर खुलनी थीं। सो मैं मीडिया प्लेयर लेकर उनके घर गया और इंस्टॉल करके जाने लगा।

तो वो बोलीं, “इसे ऑपरेट कैसे करते हैं?”

तो मैंने बोला, “भाभी, सेक्स क्लिप है, मैं आपके सामने कैसे ऑपरेट कर पाऊँगा?”

तो वो बोलीं, “करो अब, हम दोस्त हैं और अब तुम मुझे बिपाशा कहकर बुलाओ। भाभी लोगों के सामने बोला करो।”

मैंने कहा, “ठीक है।”

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और मैंने वो फाइल रन कर दी। भाभी मेरे साथ बैठकर वो फाइल देख रही थीं और फाइल देखते-देखते मैं भी एक्साइट हो गया था। वैसे तो मैं भाभी को देखकर हमेशा एक्साइट रहता हूँ, पर उनके साथ मूवी देखने में तो मेरी हालत खराब हो गई थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

भाभी मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा रही थीं और बोलीं, “कोई मस्त लड़के की मूवी दिखाओ।”

मैंने पूछा, “भाभी, कैसे लड़के की?”

तो वो बोलीं, “अपनी उम्र के लड़के की मूवी दिखाओ।”

तो मैंने एक मूवी ढूँढ़ी और प्ले कर दी।

बिपाशा भाभी बोलीं, “अनुराग, तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?”

मैंने कहा, “नहीं।”

तो वो बोलीं, “ये मूवी तुम देखते हो?”

मैंने कहा, “हाँ।”

तो बोलीं, “उसके बाद तुम्हारा मन नहीं करता कुछ करने को?”

मैंने कहा, “करता तो बहुत है पर कर क्या सकता हूँ।”

तो वो बोलीं, “फिर तुम क्या करते हो?”

तो मैंने शर्म के मारे अपना सर झुका लिया।

तो वो बोलीं, “शरमाओ नहीं, क्या हाथी लगाते हो?”

मैंने कहा, “हाँ।”

तो बोलीं, “ये बुरी बात है, इससे तुममें कमजोरी आ जाएगी और शादी के बाद तुम्हारी बीवी की हालत मेरी जैसी हो जाएगी।”

मैंने कहा, “मैं कुछ समझा नहीं।”

तो बोलीं, “मेरे पति भी मेरे साथ कुछ कर नहीं पाते। हाथ से करके उन्होंने अपना सामान खराब कर लिया है और अब वो खड़ा नहीं होता। और मुझे बैंगन या मूली से काम चलाना पड़ता है।”

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“अगर तुम्हें ज़रूरत हो तो मेरे पास आ जाना, मैं तुम्हारी मदद कर दूँगी। वैसे भी अब हम दोस्त हैं।” इतना कहकर वो किचन से पानी लेने गईं और अपनी गांड़ मटकाती हुई चली गईं, जिसे देखकर मैं पागल हो रहा था। वो किचन से दो गिलास शरबत लेकर आईं और एक मुझे दिया और दूसरा खुद लेकर पीने लगीं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

तब मैंने पूछा, “भाभी, आप मेरी कैसे मदद कर सकती हो?”

तो वो बोलीं, “कैसी मदद चाहते हो?”

तो मैंने कहा, “भाभी, आप बुरा मान जाओगी।”

तो बोलीं, “नहीं।”

मैंने कहा, “भाभी, मैंने आज तक कोई लेडी को न्यूड रियल में नहीं देखा है। क्या मैं आपको देख सकता हूँ?”

तो वो बोलीं, “ज़रूर।” और खड़ी हो गईं। “लो तुम खुद देख लो, जैसे देखना हो।”

मैंने जल्दी से गिलास फिनिश किया और उनके पास खड़ा हो गया। तो उन्होंने खुद ही मेरा हाथ पकड़कर अपनी चूची पर रख दिया। बोलीं, “ये पसंद है? लो दबाओ और मज़ा लो।” मैं उनकी चूचियों को दबाने लगा। बड़ी टाइट और मस्त चूचियाँ थीं उनकी। मज़ा आ गया था।

फिर मैंने उनकी नाइटी उठाई और उनकी चिकनी टांगों को सहलाने लगा। तो वो मेरे से करीब आ गईं और जींस के ऊपर से मेरे लंड को सहलाने लगीं। बोलीं, “तुम्हारा लंड कितना बड़ा है?”

मैंने कहा, “7 इंच का।”

तो बोलीं, “क्या मैं देख सकती हूँ?”

मैंने कहा, “भाभी, पहले मैं आपको देखूँगा फिर आप मुझे देख लेना।”

बोलीं, “ठीक है।”

और ये कहकर उन्होंने अपना गाउन उतार दिया और ब्लैक कलर के लेस ब्रा-पैंटी में खड़ी हो गईं। वो बला की खूबसूरत लग रही थीं। मैं उनको पैर से लेकर सिर तक चूमता रहा और वो “सीई आह्ह्ह आह्ह्ह” कर रही थीं। फिर मैंने उनकी ब्रा और पैंटी भी उतार दी। पूरे बदन में एक भी दाग नहीं था और चूचियाँ जैसे हिमालय पर्वत की तरह सिर उठाए खड़ी थीं।

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मैं उन्हें देख पागल हो गया और उन्हें उनके बेडरूम में ले गया और उन्हें चूमने और चाटने लगा। मैं उनकी चूत के पास आया और उनकी चूत को चाटने लगा। तो उन्होंने मुझे अपने पैरों से दबा लिया और बोलने लगीं, “खूब चाटो मेरे राजा, मेरी चूत को। मैं बहुत प्यासी हूँ, मेरी प्यास बुझा दो।”

मैं उनकी चूत को चाटने लगा तो 5 मिनट में वो मेरे मुँह में झड़ गईं और मैं उनके चूत के अमृत को चाट के पी गया। फिर वो उठकर मेरे सारे कपड़े उतार दीं और मेरे लंड को मुँह में लेकर चाटने लगीं। और पास की टेबल से उन्होंने डाबर हनी की बोतल निकाली और मेरे लंड पर डाल के खूब चाटीं।

मैंने कहा, “बिपाशा, मेरा होने वाला है।”

तो उन्होंने कहा, “मेरे मुँह में झाड़ो, मैं तुम्हारा अमृत पीना चाहती हूँ।”

और वो मुझे तब तक चूसती रहीं जब तक मैं उनके मुँह में झड़ नहीं गया। वो मेरा लंड लगातार चूस रही थीं जब तक मेरा लंड दोबारा खड़ा नहीं हो गया। उसके बाद वो बेड पर लेट गईं और मुझे अपने ऊपर ले लिया और मेरे लंड को अपनी चूत में रगड़ने लगीं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मैंने पूछा, “क्या भाभी, मैं आपको चोद सकता हूँ?”

तो वो बोलीं, “और नहीं तो क्या? तेरा लौड़ा मैं अपनी चूत पर इसी लिए तो घिस रही हूँ। बहनचोद, चोद मुझे।”

मैंने कहा, “भाभी, क्या आपको पसंद है गंदी बात करना?”

तो वो बोलीं, “इसी में तो मज़ा है असली चुदाई का। खूब गाली देकर मुझे चोद और अपनी रखैल बना ले मुझे।”

फिर मैंने उनकी टांगें फैलाईं और अपना लौड़ा उनकी चूत में डालने लगा। तो वो चिल्लाने लगीं, “अरे भोसड़ी के, फ्री की चूत समझ के फाड़ने लग गया। अरे मादरचोद, आराम से चोद। मैं कोई भागे थोड़ी जा रही हूँ। मेरी चूत फट रही है, निकाल ले अपना लौड़ा, मुझे नहीं चुदवाना तेरे से।” पर मैंने उनकी एक न सुनी और धीरे-धीरे अपना पूरा लंड उनकी चूत में डाल दिया और उनकी चूचियों को पीने लगा।

थोड़ी देर में उनका दर्द कम हो गया तो वो गांड़ उछालने लगीं और मुझे बोलीं, “खाली डाले पड़ा रहेगा या चोदेगा भी मुझे?” तो मैंने अपना लंड निकाला और एक बार में पूरा लंड उनकी चूत में पेल दिया और उन्हें जम के चोदने लगा। और वो भी बहुत बड़ी चुद्दकड़ थीं। खूब गांड़ उछाल के चुदवा रही थीं और साथ में गालियाँ दे रही थीं और ज़ोर से चोदने को कह रही थीं।

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मैंने उन्हें 10 मिनट तक खूब जम के चोदा और वो भी लगातार “आह्ह्ह आह्ह्ह आह्ह्ह” और “पेलो, फाड़ दो मेरी चूत को, चीथड़े उड़ा दो आज इस निगोड़ी के। इसने मुझे बड़ा दुख दिया है। आज अनुराग मत छोड़ना इसे, फाड़ देना। आह्ह्ह।” अब मैं झड़ने वाला था तो मैंने कहा, “बिपाशा, मैं झड़ने वाला हूँ।” तो वो बोलीं, “मेरी चूत में झाड़ो, मुझे तुमसे बच्चा पैदा करना है। तुम्हारे भैया को मैं संभाल लूँगी। फिलहाल तुम मुझे चोदो और मेरी बुर को सींच दो अपने पानी से।”

और मैं उन्हें चोदते-चोदते उनकी चूत में झड़ गया। और उन्हीं के ऊपर लेट के उनको किस करने लगा। मैंने भाभी से कहा, “भाभी, मुझे आपकी गांड़ बड़ी प्यारी लगती है। क्या मैं आपकी गांड़ मार सकता हूँ?” तो बोलीं, “अरे मादरचोद, आज चूत दी तो गांड़ के पीछे पड़ गया। चल कल मेरी गांड़ भी मार लेना। अब ये शरीर तेरा है, तू जैसे चाहे मुझे चोद सकता है।” नेक्स्ट पार्ट में बताऊंगा कैसे मैंने भाभी की गांड़ मारी। मैंने उन्हें खूब चोदा है और वो भी मस्त चुदवाती हैं।

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