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Bahurani XXX Chudai Story – बड़े घर की सेक्सी बहुरानी को चोदा

Bahurani XXX Chudai Story

मैं 24 साल का लस्टी मेल हूं, गुजरात से। 5 फीट 11 इंच लंबा, डार्क एंड हैंडसम! दिनांक 24/10/2025 को मैं राजकोट से एक काम के सिलसिले में सूरत जा रहा था। मुझे रात की ट्रेवल्स की स्लीपर कोच में टिकट मिल गई। बस 12 बजे की थी, तो मैं समय पर ही पहुंच गया था। पूरे दिन की थकान के कारण मैं अपने कोच में जाकर सोने की तैयारी कर रहा था। Bahurani XXX Chudai Story

बस सूरत की ओर निकल पड़ी थी और मैंने यह भी नहीं देखा कि मेरे अगल-बगल में कौन है या नहीं। मैं सीधे सो गया। दो घंटे के बाद बस चाय-पानी के लिए रुकी। मैं भी उतरा। वहां एक सिगरेट पी, चाय पी। अब मैं फ्रेश था और नींद भी खास नहीं आ रही थी। बस फिर से रवाना हुई और बस का क्लीनर सभी पैसेंजर्स आ गए हैं, यह कन्फर्म करने के लिए गिनती कर रहा था।

तभी मेरे सामने के कोच में दो लेडीज दिखाई दीं। सास-बहू लग रही थीं! तो मैंने अपना साइड चेंज किया और उन्हें अपने खास लस्टी अंदाज में घूरने लगा। वह क्या मस्त चीज थी! शायद 34-35 साल की बहू थी और सास का तो राम बोलो भाई, राम हो चुका था और वह सो चुकी थी।

थोड़ी देर में बहुरानी भी सोने की ट्राई करने लगी और बस की लाइट्स ऑफ हो गईं। आधे घंटे के बाद मैंने सोने का नाटक करने लगा ताकि किसी को शक न हो और प्लान बनाने लगा कि इस मस्त चीज को चोद कैसे जाए। तभी कुछ पचुक-पचाक-पचुक की आवाज आ रही थी।

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मैंने देखा तो वह साला चूतिया क्लीनर उसकी बुर को मसल रहा था। मैं सहज खड़ा हो गया। क्लीनर मेरे जागने से डरकर ड्राइवर के पास चला गया। उस चूतिये को लगा होगा शायद मैं उसका हस्बैंड हूं! पर मेरे लिए तो गुड लक की ही बात थी। और वह बहुरानी भी बहुत ही घबरा गई थी।

मैं उसके पास गया और बोला, “मैं अभी तुम्हारी सास को जगाता हूं और कहता हूं कि तुम्हारी बहू क्या गुल खिला रही है!” वह डर और सहमी हुई थी। मेरी धमकी से वह रोने जैसी हो गई और धीरे से बोली, “आप जो कहोगे वो करने को मैं तैयार हूं, पर प्लीज मेरी सासु मां को मत बताइएगा, मेरा घर-गृहस्थी समाप्त हो जाएगी।”

मैं मन में बोला, “अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे!”

मैंने उसके कान में कहा, “मेरे केबिन में आ जाओ।” और मैं सीधे अपने केबिन में चला गया। वह 10 मिनट बाद मेरे केबिन में एंटर हुई। मैं तो उसे देखता ही रह गया। व्हाइटिश रंग, भरी-भरी चुचियां (बड़ी नहीं थीं), सुडौल देह, आकर्षक मुखाकृति, बड़ी-बड़ी आंखें, सिर पर सिंदूर और गले में मंगलसूत्र। माय गॉड! माइंड ब्लोइंग लेडी थी वह बहुरानी तो। शायद 5 फीट 3 इंच लंबी होंगी और ब्रेस्ट 32, वेस्ट 34 और लोअर में 35/36!

मैंने उससे पूछा, “तेरा नाम क्या है?”

वह बोली, “मेरा नाम गोपी है। मेरे पति का डायमंड का बिजनेस है। इस सिलसिले में वो अक्सर बेल्जियम-एंटवर्प जाते रहते हैं। हमारा उधर भी ऑफिस है जो मेरे देवर संभालते हैं। वो एक महीने से बेल्जियम में है। तो मैं दो बच्चों की मां और 10 साल की शादीशुदा औरत कैसे रह सकती हूं सेक्स के बगैर। इसलिए जब वो क्लीनर गिनती कर रहा था तब मैंने उसका हाथ पकड़कर अपने बूब्स पर लगा लिया था। और वो गिनती खत्म करके मुझे प्लेजर दे रहा था। तभी आपने सब रुकवा दिया और मैं अब आपके पास हूं।”

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मुझे काफी बोल्ड और ब्यूटीफुल लेडी लगी वह। उसकी बातों और आंखों में सच्चाई भी साफ दिखाई पड़ रही थी। तो मैंने अपनी गेम शुरू कर दी। गोपी भाभी को अपने आलिंगन में ले लिया और उसके रस भरे गुलाब पंखों (लिप्स) पर किस्से झाड़ दिए। और वह भी उसका खूब मजा ले रही थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

तभी उन्होंने मेरा मुंह अपनी जीभ से खुलवाकर अपनी जीभ मेरे मुंह में डाल दी और हम एक-दूसरे का रस पी रहे थे। साथ में मेरे हाथ उनसे रस भरी चुचियां दबा रहे थे। उनकी निप्पल इतनी इरेक्ट हो चुकी थी कि अंधेरे में भी साफ दिखाई पड़ती थी। मैंने जल्दी से उनको अनड्रेस करना शुरू किया तो उसने कपड़े उतारने से मना किया और ब्लाउज खोल दिया, ब्रा कमर तक रख दी।

तभी मैंने साड़ी उसकी कमर तक हटा दी और पैंटी निकाल ली। अब जितना जरूरी था उतना सब कुछ खुला था मेरे लिए। तो उसकी बड़ी सी चूत में थोड़ा बहुत तो पानी आ चुका था (क्लीनर के रब करने से) और मैंने अपनी जीभ उसमें घुसा दी और पागलों की तरह उसे टंग फक करने लगा।

वह मस्त हो गई थी और मेरी 4 उंगलियां मुंह में लेकर अपने मूनिंग को कंट्रोल कर रही थी। तभी मैंने शैतानियत शुरू की। मैंने उसकी फुद्दी में से जीभ बाहर निकाली और फुद्दी पर जोर से काटा। वह तिलमिला उठी। “ये क्या कर रहे हो??? कोई ऐसे करता है भला??? मुझे बहुत दर्द हो रहा है।”

तभी उसकी एक भी सुनी-अनसुनी करके मैंने अपना 7.5 इंच का लंड उसकी चूत में पेल दिया। अब उसे दोहरा पेन हो रहा था- एक तो मैंने काटा था, दूसरा उसे पूरा तैयार किए बिना ही चुदाई शुरू कर दी। तो अंदर-बाहर के दर्द से परेशान होकर वह चिल्लाने लगी।

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मैंने उसके मुंह बंद करके 30 मिनट तक चोदता ही रहा, मिशनरी स्टाइल में। और तब जाकर मेरा पानी उसकी चूत को रसदार बनाकर निकलने लगा। वह मजे और दर्द से पागल थी और कुछ अलग ही फेस एक्सप्रेशन बन गए थे। मैं थोड़ी देर उस पर ही पड़ा रहा और चुचियां मसलते हुए उसके फॉरहेड, ईयर लोब्स, चूतड़, बूब्स, लिप्स, चीक्स, हैंड, फिंगर- जहां मन करे वहां उसे चूमता रहा।

अब वह काफी कम्फर्टेबल थी पर मैं सेकंड राउंड के लिए तैयार नहीं था। तो मैंने उसके मुंह में मेरा लंड पेल दिया और जोरदार स्ट्रोकिंग शुरू की। उसने मुझे धक्का देते हुए कहा, “क्या गला फाड़ दोगे? ऐसे नहीं होता, ये मुझे अपने आप करने दो।” और उसने मुझे लिटाया और आराम से ब्लो जॉब देना शुरू किया।

तकरीबन 20 मिनट के बाद मैं फिर से तैयार था। तो मैंने उसी को अपने ऊपर चढ़ने को कहा और मैं लेटा रहा। उसने अपनी चूत मेरे लंड पर सटाई और धीरे-धीरे मेरा लंड खाने लगी। तभी मैंने शैतानियत शुरू कर दी। उसकी कमर को पकड़के एक करारा शॉट लगाया, पूरा का पूरा 7.5 अंदर कर दिया। वह दर्द से चीख पड़ी, “हाय! मार दिया… तुम नहीं सुधरोगे क्या?”

तभी मैंने उसकी कमर पकड़के घोड़े की तरह 12 km/h की स्पीड से चोदता गया। उसका पेन अब गेन हो गया था। वह बेइंतहा होके चुदवा रही थी। और अचानक मुझे फील हुआ कि किसी ने अंदर से मेरा लंड पकड़कर रखा है! जी हां, वह झड़ने वाली थी। और वह झड़ गई और मुझ पर गिर गई।

पर वह अब पूरे सेक्स के नशे में बदबदा रही थी, “आप सही चुदक्कड़ हो। मुझे पहली बार चुदाई में ऐसा आनंद मिला है।” आदि आदि… पर मैं अभी बाकी ही तो था। तो मैंने फिर से उसे उठाया और सुला दिया। मिशनरी में फिर से चालू हो गया मैं… पर अब वह तृप्त हो चुकी थी तो मेरा साथ ही दे रही थी और आराम से चुदवा रही थी।

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10 मिनट बाद मैं फिर से झड़ गया। पर इस बार मैं भी थक चुका था। पर क्या करता, वह थी ही ऐसी मदक चीज कि रहा नहीं जाता था। मैंने उसे अपनी गोद में बिठा लिया और हल्के-हल्के से उसकी चुचियां दबाता रहा और बैक पर किस करता रहा। तभी छोटू फिर से जाग खड़ा हुआ। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

और मैंने उसे कहा, “अब कौन सी स्टाइल पसंद करोगी?” तो वह हक्की-बक्की रह गई, “अब मुझसे नहीं होगा! आप मेरा सेल नंबर लिख दो, मैं आपको आराम से मेरे बंगले में बुलाऊंगी और हम करेंगे।” पर तभी मैंने बातों-बातों में अपना लंड उसकी चूत पर टिका ही रखा था, और उसे घोड़ी बनाया और पीछे से धक्के मारने लगा।

सो बोली, “अब नहीं हो रहा है, चूत में आग लगी हुई है। तुमने इसे फाड़ के रख दिया है, अब रहम करो! मुझसे नहीं होगा…” पर चोदने में तो किसी का हम नहीं सुनते। मैं चोदता रहा पर वह तिलमिला रही थी। तभी उसकी फटी गांड देखकर मैंने पूछा, “क्या तुम गांड मरवाती हो पति से?”

उसने कहा, “हां, दो साल पहले मुन्ना आया तब से वो गांड मारने लगे हैं और अब तो गांड ही ज्यादा मारते हैं।” फिर क्या था, मैंने चूत से छोटू को बाहर निकाला और उसकी गांड पर टिका के एक करारा झटका दिया। छोटू सीधा ही जन्नत में पहुंच गया… और गोपी को भी थोड़ी राहत मिली।

उसकी चूत देखो तो फुल के डबल रोटी और पूरी की पूरी लाल हो चुकी थी। मैंने गांड मारने में स्पीड बढ़ा दी क्योंकि 5 बज गए थे, 6 बजे बस का मॉर्निंग का चाय-पानी स्टॉप था। इसलिए उसकी गांड पर मैं बिना बोले ही जम पड़ा। और काफी देर बाद मैं झड़ गया पर अब मेरा पानी भी कुछ खास नहीं निकला… वह थकन के मारे जिंदा लाश हो चुकी थी। पर क्या करें, कंट्रोल ही नहीं होता था।

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उसने अपने कपड़े ठीक किए, मैंने भी अपने कपड़े पहन लिए। अब मैंने उससे उसका मोबाइल नंबर ले लिया था तो कोई दिक्कत नहीं थी। उसने मुझे गले लगाया और कहा, “जल्द ही मिलेंगे।” मैंने कहा, “डन।” और वह जाने के लिए नीचे उतरने लगी। तभी मैंने कहा, “एक मिनट ऊपर आ जाओ, काम है तुम्हारा…” क्योंकि मेरी अंडीज में अभी भी हलचल हो रही थी। मैं थका था पर हारा नहीं था। उसे ऊपर बुलाकर मैंने अपनी जिप खोल के लंड उसके मुंह में दे दिया।

वह हैरानी से बोली, “तुम अभी भी तैयार हो? क्या खाते हो? सिंगल हो तो सिंगल ही रहना, वरना किसी की जिंदगी बर्बाद कर दोगे तुम तो…” पर तभी मैंने उसका मुंह पकड़कर अच्छी तरह से फुल स्पीड में माउथ फकिंग करने लगा। वह उह-उह-उह करती रही और मैं चोदता रहा। 15 मिनट के बाद मैं उसके मुंह में ही झड़ गया। सिर्फ नाम का ही पानी निकला था। और उसने मेरा पानी विंडो में से थूक दिया और एक बढ़िया लिप किस दी और कान में कहा, “अब खुश?” मैं सिर्फ हंसता रहा… और वह चल दी अपनी सासु माँ के पास- बड़े घर की अच्छी बहू जो थी।

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