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हैलो दोस्तों मेरा नाम सत्यम चौधरी और मैं कुशीनगर जिले के एक छोटे से गाँव का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 18 साल है। मेरी मम्मी का नाम शीला चौधरी है उनकी उम्र 38 शाल है देखने में काफी फिट हैं। मेरे पिता जी की मृत्यु आज से 11 शाल पहले ही हो चुकी हैं तब से घर मे मै और मेरी हम दो लोग ही हैं हमारे पास एक बीघा खेत है. New Hot Story
और मम्मी मेरे और मेरे पास के गाँव की बी_ एल_ ओ हैं जिससे हमारा परिवार चल जाता है। दोस्तों लोग माँ के बारे मे तरह-तरह की बात बोलते हैं जिसको मम्मी इग्नोर करती हैं पापा की मृत्यु को आज 6 साल हो चुकें हैं। हम लोग उनके जाने के दर्द से उभर चुकें हैं मम्मी भी अब खुशी से रहतीं हैं।
बी_एल_ओ होने की वजह से गाँव के बड़े बड़े लोगों से उनकी पहचान है और वो अक्सर अपने काम से तहसील में आती जाती हैं। जिसके कारण तहसील के अधिकारी भी उनको जानतें हैं. एक दिन मैं स्कूल से जल्दी घर आ गया घर का दरवाजा अंदर से बंद था।
फिर मैंने मम्मी को दो तीन बार पुकार मम्मी का कोई रिस्पोंस ना मिल मुझे लग शायद मम्मी सो रही है। तो मैं पीछे की खिड़की से उन्हे दरवाजा खोलने के लिए बोलने चला गया। जैसे ही खिड़की के पास पहुँचा तो मुझे उनकी आवाज सुनाई दी। वो किसी से फोन पे बात कर रही थी।
वो फोन पे किसी से बात करते हुए बोल रहीं थी- … अरे नही सर ये सब कुछ तो आपके लिए ही है आप जो चाहें वो कर सकतें हैं.
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इतने मे उन्होंने मुझे देख लिया और बोली अरे सत्यम तु आ गया. फिर फोन में बोलीं ठीक है सर मेरे कागज को बनवा दीजियेगा, और फोन काट दिया। मुझे लगा की उनके काम से जुड़ी बात होगी। अब मुझे मम्मी के हाव भाव कुछ अजीब से लगाने लगे मुझे लगा की शायद पापा के गम से उभर रही हैं।
एक दिन की बात है जब मम्मी तहसील गयी थी तो शाम के 5 बजे उन्होंने मुझे फोन करके बताया की आज हमारी मीटिंग शाम 6 बजे से है तो उन्हें आने मे लेट लगेगा। वो अक्सर लेट से आतीं थी तो मैंने बोला चलो ठीक हैं. उस दिन वो 11 बजे रात को घर आई और उनके साथ उनके ARO सर भी थे जो की देर होने की वजह से उन्हे छोड़ने आये थे.
वो थोड़ा सा लंगडाकर चल रही थी तो मैंने पूछा क्या हुआ तो वो बोली की मीटिंग में बैठे बैठे पैर थोड़ा सा दर्द कर रहा है वो दोनों घर के अंदर आये मम्मी ने उन्हे पानी दिया उन्होंने पानी पिया और जाने लगे जाते वक्त उन्होंने मम्मी को बड़े प्यार से बाय बोला मम्मी ने हल्की सी स्माइल दी और वो चले गये।
हम दोनों ने साथ में खाना खाया और अपने-अपने कमरे में सोने चले गए। लगभग 1:00 बजे मुझे जोर से पेशाब लग तो मेरी नींद खुली। मैं पेशाब करने बाथरूम में चला गया। मैं पेशाब करके बाथरूम से जा ही रहा था कि मम्मी के कमरे में फोन पे बात करने की आवाज सुनाई दी।
मैंने सोचा मम्मी इतनी रात को किस बात कर रहे हैं। तो मै दरवाजे के पास जाकर सुनने लगा। मैंने जो सुना वो सुनके मेरे तो होश ही उड़ गए। मम्मी फोन पे बोल रही थी… की वाह सर आज तो मजा ही आ गया आपने तो आज मुझे जन्नत की सैर करा दी। मेरी ऐसी चुदाई तो मेरे पति ने भी नहीं की थी.
मेरा तो दिमाग ही घूम गया। मै सोचने लगा की मेरी मम्मी ऐसा कैसे कर सकतीं हैं. उन्हे मै बिल्कुल सती सावित्री समझता था मै वापस अपने कमरे मे चला गया। और सोचने लगा की मम्मी ने ऐसा क्यो किया। फिर मुझे लगा की शायद इसके वजह से ही मम्मी पापा के गम को भुला पायीं हैं और खुशी से जी पा रहीं हैं आखिर हैं तो वो भी एक औरत ही ना। उपर से जवान भी हैं यही सब सोचते हुए मैं भी सो गया।
अगली सुबह उठा तो मम्मी खाना बना रहीं थी मैंने भी ऐसा जताया की जैसे सब नार्मल हो। लेकिन अब मुझे उसका पता लगाना था जिससे मम्मी चुदवाती हैं मैंने मम्मी का मोबाइल लिया और चेक करने लगा की मम्मी किस नंबर से सबसे ज्यादा बात करती हैं. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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उसमे मुझे एक नंबर ऐसा मिल जिस नंबर से घंटों घंटों और रोज बात की जाती थी वो नंबर किसी और का नही बल्कि उनके ही सुपरवाईजर सर का था। मैं तो समझ गया की मम्मी अपने सुपरवाईजर सर से ही चुदवाती हैं
और उस दी मीटिंग के वजह से नही बल्कि चुदाई के वजह से लेट से आई थी और शायद ज्यादा चुदने के वजह से लंगडा कर चल रही थी।
अब मेरा मोम को देखने का नजरिया ही बदल चुका था अब मै उन्हे वासना की नजर से देखने लगा था। अब मुझे ये जानना था की उनकी अगली चुदाई कब और कहाँ होगी। ये जानने के लिए मैंने उनके सुपरवाईजर सर के नंबर पे काल रिकॉर्डिंग लगा दिया और क्रिकेट खेलने चला गया।
फिर मै शाम को घर लौट मम्मी ने खाना बनाया और हम दोनों खा के अपने अपने कमरे मे जाने लगे। मैंने मम्मी को बोल…की मम्मी मुझे आज स्कूल का प्रोजेक्ट बनाना है तो आज मोबाइल मेरे पास ही रहने दो। मेरे स्कूल मे उनका ही नंबर एड था तो कोई भी मैसेज उनके ही व्हाट्सअप पे जाता था तो वो बोलीं ठीक है।
मैंने तुरंत अपने इयरफोन उठाया और कमरे में जा के अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। रोज की तरह आज भी मम्मी और सुपरवाईजर सर से घंटो तक बात हुई थी लेकिन आज मेरे पास उनकी काल रिकॉर्डिंग थी। मैंने हेडफोन लगाया और रिकॉर्डिंग प्ले की-
सर- क्या कर रही हो.
मम्मी- बस आपके फोन का इंतजार.
मम्मी- आप क्या कर रहे हो.
सर- बस तुम्हारे बारे में सोच रहा हूँ.
मम्मी- क्या सोच रहें हैं मेरे बारे में.
सर- यार शीला उस दिन मजा नहीं आया.
मम्मी- 3 घंटे लगातार चोदने के बाद भी.
सर- मैं तुमको पूरी रात चोदना चाहता हूँ.
सर- यार शीला मेरे पास एक आईडिया है.
मम्मी- क्या.
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सर- मेरी भतीजे की अगले हफ्ते शादी है तो बारात निकलने के बाद हम दोनो हमारे सरकारी आवास पे चले गाएंगे और सत्यम को बारात में भेज देंगे फिर पूरी रात जमके चुदाई करेंगे.
मम्मी बोलीं- ठीक है.
सर बोले- मैंने जो ब्रा और पैंटी दी है उसे ही पहन के आना।
मम्मी बोली- ठीक है.
मम्मी की यैसी चुदाई की रिकॉर्डिंग सुनकर मेरा लण्ड एकदम खड़ा हो गया। मै बाथरूम गया और अपने लण्ड को हिलाके उसका पानी निकाल दिया। अब मै रोज उनकी काल रिकॉर्डिंग सुनता और रोज हिलता। आखिरकार वो शादी वाला दिन आ ही गया जिस दिन मम्मी की चुदाई पूरी रात होनी थी.
मम्मी मेरे पास आई और बोलीं की सत्यम आज शाम हमको सुपरवाईजर सर के भतीजे के शादी में जाना है. मैं तो समझ गया की शादी तो एक बहाना है असल में तो पुरी रात चुदाई करवाना है. शाम को मैं जल्दी से तैयार हो मम्मी का वेट करने लगा। कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मम्मी को आज पूरी रात चुदाई करवानी थी जिसके वजह से वो और अच्छे से तैयार हो रही थी आधे घंटे बाद जब मम्मी तैयार होकर निकली तो मैं तो देखता ही रह गया मम्मी बिल्कुल किसी हेरोइन की तरह लग रही थी वो ब्लैक कलर की साड़ी और ब्लाउज पहनी थी।
उफ…. उनकी साड़ी इतनी टाईट थी की उनके बड़े कमुक् चुतड़ों का उभार साफ मालूम चल रहा था. और उनकी ब्लाउज इतनी टाईट थी की उनके लगभग आधे बूब्स ब्लाउज से बाहर दिख रहे थे हम दोनों बाईक पे बैठे और सर के घर पहुँच गया शाम हो चुकी थी डीजे बज रहे थे और लोग नाच रहे थे.
तभी सर की नजर मम्मी पे पड़ी वो मम्मी के पास आये और बोले आज तो मजा ही आ जायेगा. बारात जाने लगी उन्होंने अपनी फैमली को दूसरी गाड़ी से बारात भेज दिया और प्लान के हिसाब से सर अपने बेटे के साथ आये और बोले की सत्यम बेटा तुम मेरे बेटे के साथ चले जाना मैंने बोला ठीक है.
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अब उन्होंने मम्मी को अपनी कार में बिठाया और निकल पड़े। मैंने उनके बेटे से कहा कि यार मुझे रास्ते मे दवाई लेनी है तो तुम जाओ मै अपने बाइक से आ जाऊंगा। अब मैंने भी अपनी बाइक ली और सर गाड़ी का पीछा करने लगा रास्ते मे एक जगह उन्होंने गाड़ी रोकी और एक जनरल स्टोर पे गये.
और वहाँ से एक नारियल तेल की बोतल ली और अपने सरकारी आवास पे आ गए। और घर के अंदर चले गये और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया. मैंने अपने बाइक को उनके घर के पीछे खड़ा किया और उनके घर के पीछे गली (जोकि घर मे रोशनी लाने के लिए छोड़ी जाती है) में जा के खिड़की से झाँकने लगा जहाँ से पुरा हाल दिख रहा था.
दोस्तों अंदर हाल का दृश्य देखकर तो मेरे शरीर मे करंट गया मेरे लण्ड पैंट के अंदर से बाहर आने के लिए बेताब हो गया. सर मेरी मम्मी को दीवाल से सटाके उनके दोनों हांथो को उपर करके अपने एक हाँथ से पकड़ के मम्मी के होठों का रस पी रहें थें.
और मम्मी का पल्लू नीचे जमीन पे गिरा हुआ था और सर अपने दूसरे हाँथ से मम्मी के कमर को पीछे से पकड़ के आगे की ओर खिचकर अपने शरीर से चिपक रहे थे। दोनों एक दूसरे के होंठ को जमकर चूस रहे थे सर कभी कभी मम्मी के होंठ अपने दांतों से दबाकर खिच रहे थे.
5 मिनट ऐसे ही चुसायी के बाद सर ने मम्मी को अपने गोदी में उठाया और सोफे पे लेजा के लेटा दिया और उनके उपर चढ़ गए और उनके दोनों बूब्स के बीच में अपने मुँह को डाल दिया और उन्हे चाटने लगे. फिर उन्होंने उनके टाईट ब्लाउज से मम्मी के चुचियों को आजाद कर दिया.
अब मम्मी उपर सिर्फ ब्रा में थी जो की रेड कलर की थी फैंसी ब्रा थी फिर सर ने उनके गर्दन से किस करना शुरू किया और नीचे कमर फिर पेट फिर नाभि फिर मम्मी के साया की डोर को अपने दांतों से खिचकर खोल दिया और उतर के नीचे फेक दिया और अपने सारे कपड़े उतर के सोफे पे बैठे गया.
बिल्कुल किसी पहलवान की तरह बॉडी थी उसकी और उसका लण्ड 8 इंच का था मुझे तो लगा की ये साल आज अपने इस मोटे लण्ड से माँ की तो आज माँ चोद देगा। अब उसने मम्मी को बोल लो मेरे जान चुसो से मम्मी उसके तरफ मुँह करके सोफे पर लेट गयीं.
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और उसके लण्ड को अपने मुँह मे भर लिया और किसी पोर्न स्टार की तरह चाटने लगीं क्या सेक्सी माल लग रही थी. मैंने आज पहली बार अपनी मम्मी को ब्रा और पैंटी मे देखा था मैंने अपने लण्ड को पैंट से बाहर निकला और हिलाने लगा। लगभग 15 मिनट ऐसे ही लण्ड चुसाने के के बाद सर ने मम्मी को खड़ा किया और उनकी ब्रा और पैंटी को निकल के फेंक दी.
अब मम्मी पूरी तरह से नंगी थी। फिर सर ने मम्मी के सेक्सी चुतड़ों को किस करना शुरु कर दिया। तभी मम्मी अपनी चूत को सर के मुह के सामने करके उन्हें वासना भरी नजरों से देखने लगीं। सर तुरंत समझ गए और अपने मुह को मम्मी के चूत मे घुसा दिया और चाटने लगे।
दो मिनट बाद सर ने माँ को नीचे कुतिया बना दिया। और उनके चूत को पीछे से चाटने लगे। मम्मी पूरे जोश मे आ के आँ…आह…. ऊह.. चाटो इसे… सर…..प्लीज। मम्मी की चूत से उनका रस टपक रहा था। मम्मी अपने एक हाँथ से सर के मुंह को अपनी चूत मे दबा रहीं थी और अपने दूसरे हाँथ से अपने बूब्स को मसल रही थी.
अब सर उठे और मम्मी के मुँह के सामने आ गए और मम्मी को बोल शीला डार्लिंग गिला करो इस मम्मी समझ गयी और उनके लण्ड को अपने मुँह मे भर लिया और अपने शरीर को आगे पीछे करते हुए उनके लण्ड को गले के अंदर तक लेने लगीं। उनका मुँह पुरा लाल हो चुका था।
उनके चेहरे पे चारो तरफ सर के लण्ड का रस और मम्मी ठुक का मिक्सचर चिपक हुआ था। मम्मी जब भी अपनी बड़ी गांड को आगे पीछे कर रही थी तो उनकी गांड ऐसे हिल रही थी कि मानो सिलिकॉन की बनी हो। अब सर ने अपने लण्ड को मम्मी के मुँह से बाहर निकला उनका 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा लण्ड मम्मी के थूक से लबालब था।
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मम्मी तुरंत उठी और अपने दोनों कोहनियों सोफे से टिका के फिर से कुतिया बन गयी। अब सर ने अपने लण्ड को मम्मी के चुतड़ों के बीच मे डाल के उनके चुत और में रगड़ने लगे। मम्मी किसी बिन पानी के मछली की तरह तड़प रही थी और अपनी गांड को हिला रही थी।
अब सर ने अपने मोटे लण्ड को मम्मी के चुत पे सेट किया और एक जोरदार धक्का मारा, उनका मोटा लण्ड मम्मी की चुत को चीरता हुआ अंदर चला गया। मम्मी की चीख निकल गई। और बोली… ओ बेबी आज तो आराम से डालो आज तो पूरी रात चुदाई करनी है. कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
सर बोले शीला मेरी जान आज तो पूरी रात तुझे ऐसे ही धक्के मार मार के चोदूंगा। सर ने मम्मी के बाल को अपने हाथ में लपेटा और जोर-जोर से चोदने लगे। मम्मी भी पूरे जोश में आकर सीख रही थी। आह… चोदो… फाड़ दो मेरी चुत को.. उँ… मेरे राजा चोद डालो अपनी इस माल को।
हाल में चारों तरफ थप थप और गच्….गच् की आवाज गूंज रही थी। और उन आवाजों के बीच में मम्मी की कामुक सिसकियाँ कहर ढा रही थी। सर ने मम्मी को लगभग 15 मिनट ऐसे ही ताबड़ तोड़ चोदा। फिर उन्होंने अपना लण्ड मम्मी की चुत से बाहर निकाल लिया।
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उनके लण्ड और मम्मी की चुत में चुत का रस चमक रहा था। अब सर नीचे लेट गए। मम्मी उठी और अपनी चुत को कर के मुंह पर रख कर बैठ गई। अब सर उनकी चुत को चाटने लगे और मम्मी अपनी चुत को गांड हिला हिला के चटवाने लगी। 2 मिनट ऐसे ही चटवाने के बाद मम्मी उठी और सर के लण्ड पर जाकर बैठ गई। सर का पुरा लण्ड मम्मी की चुत में समा गया। मम्मी ने अपना एक हाथ कर के पेट पर रखा और दूसरे हाथ से अपनी चूचियों को पकड़ के कर के लण्ड पर कूदने लगी।
मानो की सालों से उनकी चुत में कोई लण्ड ना गया हो। लगभग 20 मिनट ऐसे ही दोनो चुदाई का आनंद उठाते रहे उसके बाद सर का पहलवान सा शरीर अकड़ने लगा अब मम्मी सर को और जोर से चोदने लगीं 10 से 12 झटको के बाद सर ने अपना सारा माल मम्मी के चुत मे गिरा दिया। और निढाल लेटे रहे। मम्मी के चुत से सर का गाढ़ा वीर्य टपक रहा था. 2 मिनट बाद सर उठे और बारात चले गए। आगे की कहानी अगले भाग मे की बारात से आने के बाद सर ने मेरी मम्मी को कैसे पूरी रात और पुरा दिन चोदा.
